सिन्धु नदी
भारतीय सिन्धु सभा ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर ‘सिन्धु दर्शन तीर्थयात्रा’ के लिए राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली अनुदान राशि और पात्रता नियमों में तत्काल संशोधन की मांग की है। सभा के अनुसार, देवस्थान विभाग द्वारा निर्धारित वर्तमान नियमों की जटिलता के कारण प्रदेश के अधिकांश तीर्थयात्री इस योजना का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।
सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेन्द्र कुमार तीर्थाणी ने पत्र में स्पष्ट किया कि वर्ष 2016 से प्रभावी इस योजना में पात्रता की दो शर्तें सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं।
तीर्थाणी ने तर्क दिया कि सिन्धु नदी के दुर्गम स्थलों की इस यात्रा में इन शर्तों के कारण जरूरतमंद श्रद्धालु भी लाभ नहीं ले पा रहे हैं। सभा ने मांग की है कि इन नियमों में ढील दी जाए ताकि अधिक से अधिक सिन्धी समाज के लोग अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ सकें।
मुख्यमंत्री से अनुदान राशि में वृद्धि की मांग करने वालों में प्रदेश संरक्षक मोहनलाल वाधवाणी, सुरेश कटारिया, प्रदेशाध्यक्ष ईश्वर मोरवाणी और मातृशक्ति प्रदेशाध्यक्ष शोभा बसंताणी शामिल हैं। इनके साथ ही इन्द्र रामाणी, नवलकिशोर गुरनाणी, विष्णुदेव सामताणी, हीरालाल तोलाणी, नारायण परनाणी, सीमा गोलाणी, रजनी गुवालाणी और मधु साजनाणी ने पुरजोर मांग की है कि दुर्गम यात्रा को देखते हुए राज्य सरकार प्रति यात्री सहयोग राशि बढ़ाकर 20 हजार रुपये करे।
दूसरी ओर, यात्रा की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। प्रदेश प्रभारी मूलचन्द बसंताणी ने बताया कि लेह-लद्दाख यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीयन की अंतिम तिथि 12 मई निर्धारित की गई है।
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