पात्रता की कठिन शर्तों के कारण लाभ से वंचित रह रहे तीर्थयात्री; सहयोग राशि 20 हजार रुपये करने की अपील
जयपुर (सिन्धु गौरव न्यूज़)
भारतीय सिन्धु सभा ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर ‘सिन्धु दर्शन तीर्थयात्रा’ के लिए राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली अनुदान राशि और पात्रता नियमों में तत्काल संशोधन की मांग की है। सभा के अनुसार, देवस्थान विभाग द्वारा निर्धारित वर्तमान नियमों की जटिलता के कारण प्रदेश के अधिकांश तीर्थयात्री इस योजना का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।
पात्रता नियमों में सरलीकरण की मांग
सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेन्द्र कुमार तीर्थाणी ने पत्र में स्पष्ट किया कि वर्ष 2016 से प्रभावी इस योजना में पात्रता की दो शर्तें सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं।
- आयकरदाता की शर्त: तीर्थयात्री का आयकरदाता न होना अनिवार्य है।
- सेवानिवृत्त कर्मचारी: केन्द्र या राज्य सरकार, उनके उपक्रमों व स्थानीय निकायों से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को योजना से बाहर रखा गया है।
तीर्थाणी ने तर्क दिया कि सिन्धु नदी के दुर्गम स्थलों की इस यात्रा में इन शर्तों के कारण जरूरतमंद श्रद्धालु भी लाभ नहीं ले पा रहे हैं। सभा ने मांग की है कि इन नियमों में ढील दी जाए ताकि अधिक से अधिक सिन्धी समाज के लोग अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ सकें।
सहयोग राशि 20 हजार करने की अपील
मुख्यमंत्री से अनुदान राशि में वृद्धि की मांग करने वालों में प्रदेश संरक्षक मोहनलाल वाधवाणी, सुरेश कटारिया, प्रदेशाध्यक्ष ईश्वर मोरवाणी और मातृशक्ति प्रदेशाध्यक्ष शोभा बसंताणी शामिल हैं। इनके साथ ही इन्द्र रामाणी, नवलकिशोर गुरनाणी, विष्णुदेव सामताणी, हीरालाल तोलाणी, नारायण परनाणी, सीमा गोलाणी, रजनी गुवालाणी और मधु साजनाणी ने पुरजोर मांग की है कि दुर्गम यात्रा को देखते हुए राज्य सरकार प्रति यात्री सहयोग राशि बढ़ाकर 20 हजार रुपये करे।
12 मई तक पंजीयन, 31 मई से यात्रा शुरू
दूसरी ओर, यात्रा की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। प्रदेश प्रभारी मूलचन्द बसंताणी ने बताया कि लेह-लद्दाख यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीयन की अंतिम तिथि 12 मई निर्धारित की गई है।
- यात्रा कार्यक्रम: तीर्थयात्री 31 मई तक जम्मू पहुँचेंगे। इसके बाद श्रीनगर और कारगिल होते हुए 4 जून को लेह आगमन होगा।
- मुख्य आयोजन: 5 से 8 जून तक सिन्धु नदी के तट पर पूजा-अर्चना, बहिराणा साहिब और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी जाएँगी।
- संपन्नता: यात्रा मनाली और मणीकरण के मार्ग से होते हुए 12 जून को चण्डीगढ़ में संपन्न होगी।

