प्रदेशभर में गूँजेगी सिन्धु सनातन संस्कृति की गूँज: 17 मई से शुरू होगी ‘सिन्धु संस्कृति गौरव यात्रा 2026’

श्री अमरापुर स्थान पर संतों ने किया प्रचार सामग्री और बैनर का विमोचन; 29 दिनों में 31 जिलों का सफर तय करेगी यात्रा

जयपुर (सिन्धु गौरव न्यूज़)

भारतीय सिन्धु सभा एवं भारतीय सिन्धु सभा राजस्थान न्यास के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाली प्रदेशव्यापी ‘सिन्धु संस्कृति गौरव यात्रा 2026’ की तैयारियाँ जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। शनिवार को श्री अमरापुर स्थान, जयपुर में आयोजित एक गरिमामयी कार्यक्रम में पूज्य संतों द्वारा यात्रा की प्रचार सामग्री, बैनर और सिन्धी बाल संस्कार शिविर की उपयोगी सामग्री का विमोचन किया गया।

संतों का सान्निध्य और शुभाशीष

विमोचन कार्यक्रम में स्वामी मनोहर लाल जी और स्वामी मोहन प्रकाश जी सहित कई संत-महात्मा उपस्थित रहे। स्वामी मोहन प्रकाश जी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि विद्यार्थियों और युवा पीढ़ी को अपनी सिन्धु सनातन संस्कृति से जोड़ने के लिए भारतीय सिन्धु सभा के प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने जोर दिया कि बाल्यकाल से ही मातृभाषा का ज्ञान और महापुरुषों के जीवन प्रसंगों से बच्चे संस्कारवान बनेंगे।

29 दिवसीय यात्रा: 31 जिले और 5000 कि.मी. का सफर

यात्रा के प्रभारी और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेन्द्र कुमार तीर्थाणी ने बताया कि यह यात्रा 17 मई 2026 को श्री अमरापुर स्थान से पूजा-अर्चना के साथ प्रारंभ होगी।

  • दूरी: लगभग 5000 किलोमीटर।
  • अवधि: 29 दिन (17 मई से 14 जून)।
  • भागीदारी: प्रदेश के सभी प्रमुख जिलों में सम्मेलन आयोजित होंगे, जिनमें मातृशक्ति और युवाओं की विशेष सहभागिता रहेगी।

प्रदेशाध्यक्ष ईश्वर मोरवाणी के अनुसार, यात्रा के मुख्य आकर्षणों में सिन्धी बाल संस्कार शिविर, राष्ट्रीय सिन्धी भाषा विकास परिषद (NCPSL) के कोर्सेज के लिए ‘स्पॉट रजिस्ट्रेशन’ और पंचायत मुखियों का सम्मेलन शामिल होगा।

यात्रा मार्ग और समापन (रूट मैप)

प्रचार प्रभारी मूलचन्द बसंताणी ने यात्रा के विस्तृत मार्ग की जानकारी दी:

  • प्रारंभ: 17 मई (जयपुर)
  • मुख्य पड़ाव: किशनगढ़, अजमेर, ब्यावर, भीलवाड़ा, उदयपुर (24 मई), पाली, बाड़मेर, जैसलमेर होते हुए 31 मई को जोधपुर पहुँचेगी।
  • द्वितीय चरण: बीकानेर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर, अलवर, खैरथल, भरतपुर, कोटा और बूंदी होते हुए 14 जून को पुनः जयपुर पहुँचेगी।
  • समापन: 14 जून को जयपुर में विशाल समारोह और ‘सिन्धु संस्कृति प्रदर्शनी’ के साथ समापन होगा, जहाँ सिन्धी कला, हस्तशिल्प और व्यंजनों का प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रमुख कार्यकर्ताओं की बैठक

महानगर अध्यक्ष हीरालाल तोलाणी ने बताया कि विमोचन के पश्चात कोर कमेटी की बैठक हुई, जिसमें संरक्षक मोहनलाल वाधवाणी, मातृशक्ति अध्यक्ष शोभा बसंताणी, नारायण परनाणी, नवलकिशोर गुरनाणी, किशनचन्द भागवाणी, इन्द्र रामाणी, विष्णुदेव सामताणी, डॉ कैलाश शिवलाणी और जस्सूमल आसवाणी सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

जन-जागरण का गौरवशाली इतिहास

भारतीय सिन्धु सभा पूर्व में भी जन-जागरण हेतु महत्वपूर्ण यात्राएं निकाल चुकी है:

  1. 2017: सिन्धी भाषा को संवैधानिक मान्यता के 50 वर्ष पूर्ण होने पर प्रदेशव्यापी रथ यात्रा।
  2. 2022: वीर बलिदानी हेमू कालाणी जन्म शताब्दी वर्ष पर 30 दिवसीय रथ यात्रा।
  3. संत समाज के साथ: ‘देवनागरी’ में श्रीमद्भागवत कथा प्रकाशन के अवसर पर पुष्कर से देशव्यापी यात्रा में सहभागिता।
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