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भारतीय सिन्धु सभा एवं भारतीय सिन्धु सभा राजस्थान न्यास के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाली प्रदेशव्यापी ‘सिन्धु संस्कृति गौरव यात्रा 2026’ की तैयारियाँ जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। शनिवार को श्री अमरापुर स्थान, जयपुर में आयोजित एक गरिमामयी कार्यक्रम में पूज्य संतों द्वारा यात्रा की प्रचार सामग्री, बैनर और सिन्धी बाल संस्कार शिविर की उपयोगी सामग्री का विमोचन किया गया।
विमोचन कार्यक्रम में स्वामी मनोहर लाल जी और स्वामी मोहन प्रकाश जी सहित कई संत-महात्मा उपस्थित रहे। स्वामी मोहन प्रकाश जी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि विद्यार्थियों और युवा पीढ़ी को अपनी सिन्धु सनातन संस्कृति से जोड़ने के लिए भारतीय सिन्धु सभा के प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने जोर दिया कि बाल्यकाल से ही मातृभाषा का ज्ञान और महापुरुषों के जीवन प्रसंगों से बच्चे संस्कारवान बनेंगे।
यात्रा के प्रभारी और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेन्द्र कुमार तीर्थाणी ने बताया कि यह यात्रा 17 मई 2026 को श्री अमरापुर स्थान से पूजा-अर्चना के साथ प्रारंभ होगी।
प्रदेशाध्यक्ष ईश्वर मोरवाणी के अनुसार, यात्रा के मुख्य आकर्षणों में सिन्धी बाल संस्कार शिविर, राष्ट्रीय सिन्धी भाषा विकास परिषद (NCPSL) के कोर्सेज के लिए ‘स्पॉट रजिस्ट्रेशन’ और पंचायत मुखियों का सम्मेलन शामिल होगा।
प्रचार प्रभारी मूलचन्द बसंताणी ने यात्रा के विस्तृत मार्ग की जानकारी दी:
महानगर अध्यक्ष हीरालाल तोलाणी ने बताया कि विमोचन के पश्चात कोर कमेटी की बैठक हुई, जिसमें संरक्षक मोहनलाल वाधवाणी, मातृशक्ति अध्यक्ष शोभा बसंताणी, नारायण परनाणी, नवलकिशोर गुरनाणी, किशनचन्द भागवाणी, इन्द्र रामाणी, विष्णुदेव सामताणी, डॉ कैलाश शिवलाणी और जस्सूमल आसवाणी सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
भारतीय सिन्धु सभा पूर्व में भी जन-जागरण हेतु महत्वपूर्ण यात्राएं निकाल चुकी है:
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